Chhattisgarhराष्ट्रपति भवन में बस्तर के खास मेहमान, महामहिम ने खुद परोसा भोजन
जनश्रुति के अनुसार, अकाल के कठिन दौर में झिटकू और मिटकी ने प्रेम और बलिदान की ऐसी मिसाल पेश की कि आज बस्तर में उन्हें 'खोड़िया राजा' और 'गप्पा देई' के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।