छत्तीसगढ़ सरकार ने आम लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए राज्य में एनालॉग पनीर (Analogue Paneer) की बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने और उपभोक्ताओं को मिलावटी या कम गुणवत्ता वाले उत्पादों से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर असली दूध से नहीं बनता। इसे मुख्य रूप से वनस्पति तेल, मिल्क प्रोटीन, स्टार्च और अन्य खाद्य पदार्थों को मिलाकर तैयार किया जाता है। देखने और स्वाद में यह सामान्य पनीर जैसा लग सकता है, लेकिन इसका पोषण मूल्य पारंपरिक डेयरी पनीर से कम माना जाता है।
हाल के महीनों में रायपुर समेत कई इलाकों में कथित नकली और एनालॉग पनीर के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। इसके बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में इस उत्पाद की बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने का निर्णय लिया।
सरकार का कहना है कि इस प्रतिबंध का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अब खाद्य सुरक्षा विभाग बाजार, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में लगातार जांच करेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।



