भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज़ अजिक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। अपने शांत स्वभाव और मुश्किल परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाज़ी के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने भारतीय क्रिकेट को कई यादगार पल दिए।
रहाणे के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में उनकी टेस्ट कप्तानी का रिकॉर्ड शामिल है। उन्होंने भारत की कप्तानी करते हुए 6 टेस्ट मैचों में 4 जीत और 2 ड्रॉ दर्ज किए, जबकि एक भी मुकाबला नहीं हारा। इस तरह वह भारत के उन चुनिंदा टेस्ट कप्तानों में शामिल हैं जिन्होंने हार का सामना किए बिना अपना कप्तानी रिकॉर्ड समाप्त किया।
उनकी कप्तानी का सबसे यादगार अध्याय 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रहा। एडिलेड टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद विराट कोहली की अनुपस्थिति में रहाणे ने टीम की कमान संभाली और युवा खिलाड़ियों के साथ ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक 2-1 से सीरीज़ जीत दिलाई। मेलबर्न टेस्ट में उनका शतक भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है।
रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 85 टेस्ट खेलकर 5,077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक शामिल रहे। वह लंबे समय तक भारत के भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज़ रहे और विशेष रूप से विदेशी परिस्थितियों में उनके प्रदर्शन की खूब सराहना हुई।
उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक ऐसे खिलाड़ी का अध्याय समाप्त हुआ, जिसने बिना अधिक सुर्खियाँ बटोरे अपने प्रदर्शन और नेतृत्व से टीम इंडिया को कई ऐतिहासिक सफलताएँ दिलाईं।



