छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, 5 दिन की रिमांड पर भेजा गया

रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर शराब घोटाले का मुद्दा गरमा गया है। कांग्रेस की ओर से कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर सवाल उठाए गए हैं, जबकि जांच एजेंसियां इसे मनी लॉन्ड्रिंग मामले की कार्रवाई बता रही हैं।

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। ED ने उन्हें PMLA के तहत गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया।

करीब 2,883 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुआ था। ED का आरोप है कि इस दौरान अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से जुड़े एक कथित सिंडिकेट ने आबकारी विभाग के कामकाज को प्रभावित किया। एजेंसी के अनुसार, इससे सरकारी खजाने को करीब 2,883 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

पहले EOW भी कर चुकी है गिरफ्तारी

रामगोपाल अग्रवाल को इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) भी गिरफ्तार कर चुकी है। ताजा कार्रवाई ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ED ने उनसे पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी और अदालत ने उन्हें जांच एजेंसी की हिरासत में भेजा है।

कई बड़े नाम जांच के दायरे में

शराब घोटाला मामले में ED अब तक कई चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और बड़ी संख्या में लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच के दायरे में तत्कालीन सरकार से जुड़े नेताओं और अधिकारियों समेत कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर शराब घोटाले का मुद्दा गरमा गया है। कांग्रेस की ओर से कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर सवाल उठाए गए हैं, जबकि जांच एजेंसियां इसे मनी लॉन्ड्रिंग मामले की कार्रवाई बता रही हैं।