रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, 350 टेस्ट विकेट लेने वाले बने पांचवें भारतीय; कपिल देव के खास क्लब में शामिल

जडेजा के नाम टेस्ट क्रिकेट में पहले ही 4,000 से ज्यादा रन दर्ज हैं। अब 350 विकेट का आंकड़ा छूने के बाद वह 4,000 से अधिक रन और 350 विकेट दोनों हासिल करने वाले दुनिया के सिर्फ चौथे क्रिकेटर बन गए हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने श्रीलंका के खिलाफ गाले में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में इतिहास रच दिया है। जडेजा ने अपने टेस्ट करियर के 350 विकेट पूरे कर लिए हैं। इसके साथ ही वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पांचवें भारतीय गेंदबाज बन गए हैं।

जडेजा ने श्रीलंका की पहली पारी में केशरा नुवंथा को आउट कर 350वां टेस्ट विकेट हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट के दिग्गज कपिल देव के साथ एक खास क्लब में भी जगह बना ली है।

कपिल देव के बाद बने दूसरे भारतीय

जडेजा के नाम टेस्ट क्रिकेट में पहले ही 4,000 से ज्यादा रन दर्ज हैं। अब 350 विकेट का आंकड़ा छूने के बाद वह 4,000 से अधिक रन और 350 विकेट दोनों हासिल करने वाले दुनिया के सिर्फ चौथे क्रिकेटर बन गए हैं।

इससे पहले यह कारनामा कपिल देव, इयान बॉथम और डेनियल विटोरी कर चुके हैं। भारत की ओर से जडेजा इस क्लब में शामिल होने वाले कपिल देव के बाद दूसरे खिलाड़ी हैं।

90वें टेस्ट में हासिल किया मुकाम

रवींद्र जडेजा ने यह उपलब्धि अपने 90वें टेस्ट मैच में हासिल की। वह भारत के सबसे प्रभावी ऑलराउंडरों में शामिल हैं और लंबे समय से टीम के लिए गेंद और बल्ले दोनों से महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं।

350 टेस्ट विकेट तक पहुंचने वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में जडेजा से पहले अनिल कुंबले, रविचंद्रन अश्विन, कपिल देव और हरभजन सिंह जैसे दिग्गज शामिल रहे हैं। जडेजा अब इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं।

गाले टेस्ट में भी जडेजा का शानदार प्रदर्शन

श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के तीसरे दिन जडेजा ने गेंद से अहम भूमिका निभाई। भारत के लिए मैनव सुथार और जडेजा की स्पिन जोड़ी ने मिलकर श्रीलंका की पारी को 284 रन पर समेट दिया। भारत ने पहली पारी के आधार पर 178 रन की बढ़त हासिल की। जडेजा ने इस दौरान तीन विकेट अपने नाम किए।

जडेजा के 350 टेस्ट विकेट पूरे करने के साथ ही उनकी ऑलराउंड उपलब्धियों की सूची में एक और बड़ा रिकॉर्ड जुड़ गया है। भारतीय क्रिकेट में उनकी जगह अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों के बीच और मजबूत हो गई है, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में असाधारण निरंतरता दिखाई है।