रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर इस बार राज्योत्सव को भव्य रूप देने की तैयारी की जा रही है। राजधानी में 1 से 3 नवंबर 2026 तक तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन होगा। इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस वर्ष आयोजन की प्रमुख थीम ‘नक्सल मुक्त राज्य’ रखी गई है, जिसके माध्यम से प्रदेश की बदलती पहचान, विकास और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने राज्योत्सव की तैयारियों को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम को आकर्षक और व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कलाओं और प्रदेश की विकास यात्रा को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ की दिखेगी तस्वीर
इस बार राज्योत्सव की थीम को विशेष महत्व दिया जा रहा है। ‘नक्सल मुक्त राज्य’ की अवधारणा के साथ प्रदेश की नई पहचान और विकास की संभावनाओं को सामने लाने की तैयारी है। आयोजन के जरिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के साथ राज्य में हो रहे बदलावों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगी प्राथमिकता
राज्योत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों और लोक नृत्य दलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे प्रदेश की पारंपरिक कला, संगीत और लोकनृत्य को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
वहीं, युवाओं और आम लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए देश के तीन चर्चित कलाकारों को भी आमंत्रित करने की तैयारी है। इससे राज्योत्सव में स्थानीय संस्कृति के साथ राष्ट्रीय स्तर के मनोरंजन का भी संगम देखने को मिलेगा।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर रहेगा जोर
तीन दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आम नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और आवागमन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन स्थल पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने और कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
तीन दिन तक दिखेगी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान
1 से 3 नवंबर तक चलने वाला राज्योत्सव प्रदेश की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को सामने लाने का अवसर होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रस्तावित मौजूदगी और नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ की थीम के चलते इस बार के आयोजन पर विशेष नजर रहेगी। अब लोगों को कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतिम कार्यक्रम का इंतजार है।



