बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लंबित मामलों के निपटारे में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के नेतृत्व में 1 जनवरी से 27 जुलाई 2026 के बीच 32,747 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इस अभियान के चलते पहली बार लंबित मामलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
हाईकोर्ट की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में नए मामलों की तुलना में अधिक पुराने मामलों का निस्तारण किया गया। परिणामस्वरूप लंबित मामलों की संख्या घटकर 73,751 रह गई और कुल लंबित मामलों में 2.53 प्रतिशत की शुद्ध कमी दर्ज की गई। कोर्ट का केस क्लियरेंस रेट (CCR) 106% रहा, यानी जितने नए मामले दर्ज हुए, उनसे अधिक मामलों का निपटारा किया गया।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की पहल पर पुराने और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों ने प्राथमिकता के आधार पर वर्षों से लंबित मामलों की सुनवाई कर उनका निराकरण किया।
न्यायपालिका से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि लंबित मामलों में यह कमी न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी और तेज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे आम नागरिकों को समय पर न्याय मिलने में भी मदद मिलेगी।




