धमतरी की PACS ड्रोन पहल को राष्ट्रीय सम्मान, कोलकाता में मिला देशभर में पहचान का गौरव

धमतरी की इस सफलता से यह भी स्पष्ट हुआ है कि यदि सहकारी संस्थाओं को तकनीकी संसाधनों से जोड़ा जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विकास की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (PACS) के ड्रोन मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में धमतरी की इस अभिनव पहल को सम्मानित किया गया। यह सम्मान कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग और किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के लिए दिया गया।

धमतरी जिले की PACS ने कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीक का सफल उपयोग कर किसानों के बीच नई पहचान बनाई है। ड्रोन के माध्यम से फसलों पर उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव तेज, सटीक और कम लागत में किया जा रहा है। इससे किसानों का समय बचने के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

धमतरी ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान

राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान ने न केवल धमतरी बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सहकारी समितियों के माध्यम से ड्रोन तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाने का यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी साबित हो सकता है।

राज्य में कृषि के आधुनिकीकरण की दिशा में यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ड्रोन आधारित खेती को बढ़ावा देने से किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा और कृषि कार्य अधिक प्रभावी एवं लागत-कुशल बनेंगे।

धमतरी की इस सफलता से यह भी स्पष्ट हुआ है कि यदि सहकारी संस्थाओं को तकनीकी संसाधनों से जोड़ा जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विकास की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।