रायपुर का ‘कारोबारी’ महेंद्र गोयनका गिरफ्तार, 1000 करोड़ की कथित धोखाधड़ी मामले में कोलकाता पुलिस की बड़ी कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद गोयनका को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस कथित वित्तीय घोटाले से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की जानकारी भी सामने आ सकती है

छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी कारोबारी महेंद्र गोयनका को कथित 1000 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। लंबे समय से फरार चल रहे गोयनका पर फर्जी दस्तावेज, जाली हस्ताक्षर और कंपनी पर अवैध नियंत्रण स्थापित करने जैसे गंभीर आरोप हैं।

क्या है पूरा मामला?

जांच एजेंसियों के अनुसार, महेंद्र गोयनका पहले एक निजी कंपनी में वरिष्ठ प्रबंधकीय पद पर कार्यरत था। आरोप है कि उसने फर्जी हस्ताक्षरों और कूटरचित दस्तावेजों की मदद से कंपनी की संरचना में बदलाव किया और करोड़ों रुपये की संपत्तियों व वित्तीय लेनदेन पर अवैध नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल सहित कई धाराओं में केस दर्ज है।

विधायक परिवार की कंपनियों से जुड़ा आरोप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला मध्य प्रदेश के एक विधायक के परिवार से जुड़ी कंपनियों से भी जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के शेयरधारकों और निदेशकों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बाहर कर कंपनी पर कब्जा करने की साजिश रची गई। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है और अदालत में इनकी पुष्टि होना बाकी है।

कई राज्यों में दर्ज हैं मामले

महेंद्र गोयनका के खिलाफ पश्चिम बंगाल के अलावा मध्य प्रदेश के कटनी जिले में भी अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं। जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं, कंपनी रिकॉर्ड में हेरफेर और धन के लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं।

पुलिस रिमांड में होगी पूछताछ

गिरफ्तारी के बाद गोयनका को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस कथित वित्तीय घोटाले से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की जानकारी भी सामने आ सकती है