रवि किशन ने याद किया संघर्ष का दौर, बोले- 15 साल तक काम के पैसे नहीं मिले, घनघोर गरीबी देखी

अभिनय के साथ रवि किशन राजनीति में भी सक्रिय हैं और गोरखपुर से लोकसभा सांसद हैं। उनके संघर्ष की कहानी एक बार फिर चर्चा में है और सोशल मीडिया पर भी उनके पुराने दिनों को लेकर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

भोजपुरी सिनेमा से लेकर हिंदी फिल्मों तक अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता और सांसद रवि किशन ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआती दौर उनके लिए बेहद मुश्किल रहा। करीब 15 साल तक उन्हें अपने काम के पैसे तक नहीं मिले और इस दौरान उन्होंने बेहद गरीबी का सामना किया।

‘चलकर नहीं, रेंगकर आया हूं’

रवि किशन ने शुभांकर मिश्रा को दिए इंटरव्यू में अपने संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी में ऐसा दौर भी रहा, जब परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। उनके मुताबिक, वे मिट्टी के घर से निकलकर मुंबई पहुंचे थे और परिवार की कई जिम्मेदारियां उनके ऊपर थीं।

अभिनेता ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गरीबी को बेहद करीब से देखा है। उन्होंने बताया कि कई बार खाने तक के लिए पैसे नहीं होते थे और मुंबई में उन्होंने पैदल घूमकर काम की तलाश की। वड़ा पाव और चाय के सहारे संघर्ष के दिन गुजारे।

15 साल तक नहीं मिले काम के पैसे

रवि किशन ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में करीब 15 वर्षों तक उन्होंने ऐसा दौर देखा, जब लोगों ने उनके काम के पैसे तक नहीं दिए। उन्होंने कहा कि ये मुश्किल अनुभव उनकी जिंदगी का हिस्सा रहे और इन्हीं संघर्षों ने उन्हें आज का रवि किशन बनाया।

उन्होंने यह भी बताया कि गरीबी की वह याद आज भी उनके मन में मौजूद है। यही वजह है कि आज आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद वे खुद पर पैसे खर्च करने में संकोच करते हैं।

7 स्टार होटल में भी खिचड़ी पसंद

रवि किशन ने अपने खर्च करने के अंदाज के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि आज जब वे सात सितारा होटल में जाते हैं, तब भी महंगा खाना ऑर्डर करने के बजाय खिचड़ी मंगाना पसंद करते हैं। उनका कहना है कि गरीबी का दौर उनके जेहन में अब भी बसा हुआ है।

उन्होंने बताया कि परिवार के लोग उनके लिए उपहार खरीदते हैं, लेकिन वे खुद पर खर्च करने के बजाय अपनी पत्नी और बच्चों पर पैसे खर्च करना पसंद करते हैं।

भोजपुरी से हिंदी सिनेमा तक बनाई पहचान

रवि किशन ने भोजपुरी सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाने के साथ हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज में भी काम किया है। ‘तेरे नाम’ जैसी फिल्मों से उन्हें व्यापक पहचान मिली। इसके अलावा उन्होंने कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया है और वेब सीरीज में भी नजर आए हैं।

अभिनय के साथ रवि किशन राजनीति में भी सक्रिय हैं और गोरखपुर से लोकसभा सांसद हैं। उनके संघर्ष की कहानी एक बार फिर चर्चा में है और सोशल मीडिया पर भी उनके पुराने दिनों को लेकर प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।