भारतीय खिलाड़ी बार-बार क्यों हो रहे चोटिल? पूर्व क्रिकेटर विवेक राजदान ने बताई बड़ी वजह

राजदान के मुताबिक, सिर्फ जिम में मेहनत करना ही पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजों के लिए फ्लेक्सिबिलिटी और शरीर की जरूरतों को समझना बेहद जरूरी है।

भारतीय क्रिकेट टीम में लगातार बढ़ रही चोटों को लेकर पूर्व तेज गेंदबाज विवेक राजदान ने चिंता जताई है। एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आज के दौर में खिलाड़ियों, खासकर तेज गेंदबाजों, को अपनी तकनीक सुधारने और शरीर को पर्याप्त आराम देने का समय नहीं मिल पाता, क्योंकि पूरे साल क्रिकेट खेली जाती है।

राजदान के मुताबिक, सिर्फ जिम में मेहनत करना ही पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजों के लिए फ्लेक्सिबिलिटी और शरीर की जरूरतों को समझना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि हर खिलाड़ी की फिटनेस की जरूरत अलग होती है, इसलिए सभी पर एक जैसा फिटनेस प्लान लागू नहीं किया जा सकता।

उन्होंने हैमस्ट्रिंग और अन्य चोटों की बढ़ती घटनाओं पर कहा कि तेज गेंदबाजों के पैरों पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है। ऐसे में मजबूत पैरों के साथ सही गेंदबाजी तकनीक भी जरूरी है। राजदान ने बताया कि उनके दौर में लंबी दौड़, स्प्रिंट और हल्के वजन के साथ नियमित ट्रेनिंग पर अधिक जोर दिया जाता था।

पूर्व क्रिकेटर ने यह भी कहा कि गेंदबाजी कोच का मुख्य काम मैच के दौरान रणनीति और प्रदर्शन पर ध्यान देना होता है, न कि खिलाड़ी की तकनीक में बदलाव करना। उन्होंने मौजूदा समय में खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने पर हैरानी जताते हुए कहा कि या तो फिटनेस पर पर्याप्त समय नहीं मिल रहा है या फिर उसकी तैयारी सही तरीके से नहीं हो पा रही है। हाल के महीनों में भारतीय टीम भी कई प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों से जूझ चुकी है।